UPSC मुख्य परीक्षा · 150 शब्द
भारत में औपनिवेशिक प्रशासन और शिक्षा पर मैकॉले के विवरण-पत्र के प्रभाव की चर्चा कीजिए।
भूमिका
मैकॉले के विवरण-पत्र (1835) ने अंग्रेजी-माध्यम उच्च शिक्षा और पाश्चात्य ज्ञान अपनाकर बेंटिंक की शैक्षिक नीति को निर्णायक दिशा दी।
प्रमुख प्रभाव
- नीतिगत परिवर्तन: सरकारी सहायता संस्कृत-अरबी शिक्षा से अंग्रेजी शिक्षा की ओर मुड़ी और प्राच्यवादियों पर आंग्लवादियों की विजय हुई।
- औपनिवेशिक प्रशासन: अंग्रेजी-शिक्षित भारतीयों ने अधीनस्थ नौकरशाही एवं मध्यस्थ वर्ग दिया, जिससे संचार, संहिताबद्ध शासन और औपनिवेशिक नियंत्रण सुदृढ़ हुआ।
- शैक्षिक परिवर्तन: अंग्रेजी-माध्यम संस्थानों ने पाश्चात्य विज्ञान, तर्कवाद, उदारवाद और आधुनिक राजनीतिक विचारों का प्रसार किया।
- सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव: अधोमुखी निस्यंदन नीति ने शहरी अभिजातों को प्राथमिकता दी; जनशिक्षा, देशी भाषाएँ, स्वदेशी शिक्षा और भारतीय ज्ञान उपेक्षित हुए।
- अनपेक्षित परिणाम: नवशिक्षित बुद्धिजीवियों ने उदार विचारों, मुद्रण और अंग्रेजी द्वारा सामाजिक सुधार, विमर्श और राष्ट्रवाद को बढ़ाया।
निष्कर्ष
अतः, इसने औपनिवेशिक शासन को प्रभावी साधन दिए, किंतु भारतीयों को उसके विरुद्ध उपयोगी बौद्धिक उपकरण भी दिए।